Monday, September 11, 2017

अटल मंथन
राम रहीम पर,कथानक खत्म हो
तो हमारी कलम से भी,छंद बंद हों !
----------------------------------------------------------------
धर्म की आड़ में,दुष्कर्म किये जाते हैं
धर्म को बदनामी का,टीका लगाते हैं !
मीडिया की निगाहों से,बच कर रहा
कैसे बाबा आँखों में,धूल झोंकता रहा ?
पारदर्शिता के युग में,भक्त अज्ञानी हैं
सरकारी महकमे कैसे,अनजान रहे ?
खुफिया पुलिस तंत्र,विकसित किया जाए
जो भक्तों के भेस में,आश्रमों की जांच करे !
-----------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल 

No comments:

Post a Comment