अटल मंथन
नवनिर्माण व्यवस्थित करना,
वरना तबाही से लड़ना !
जाती बारिश ने चेताया,
हे मानव ! कुछ समझ में आया ?
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जिस भी शहर में,बारिश होती
उस शहर की,पोल खुल जाती !
जल भराव सम्भाले,नहीं सम्भल पाता
रहवासी वहां का,मुसीबत में पड़ जाता !
कोलकाता अबकि बार,गिरफ्त में आया
बारिश ने वहां पर,गदर मचाया !
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डॉ श्याम अटल
नवनिर्माण व्यवस्थित करना,
वरना तबाही से लड़ना !
जाती बारिश ने चेताया,
हे मानव ! कुछ समझ में आया ?
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जिस भी शहर में,बारिश होती
उस शहर की,पोल खुल जाती !
जल भराव सम्भाले,नहीं सम्भल पाता
रहवासी वहां का,मुसीबत में पड़ जाता !
कोलकाता अबकि बार,गिरफ्त में आया
बारिश ने वहां पर,गदर मचाया !
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डॉ श्याम अटल
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