अटल मंथन
दिन फिरते,लगे न देर
आस किरण,मिटाये अंधेर ?
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कभी अकेले भारी थे,अब साथीगण चाहिये
कांग्रेस को मुकाबले हेतु,सहयोग देने आईये !
गठबंधन की घोषणा,विदेशी धरती से
राहुल ने यूरोप से,ये बातें कहीं !
चुनाव हेतु चंदे की,चाहना रही ?
इसलिये भी सवारी,सैर को चली !
विदेशी मुद्रा रुपये पर,अभी तो भारी है
स्विस धन आ जाए तो,बेहतर तैयारी है !
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डॉ श्याम अटल
दिन फिरते,लगे न देर
आस किरण,मिटाये अंधेर ?
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कभी अकेले भारी थे,अब साथीगण चाहिये
कांग्रेस को मुकाबले हेतु,सहयोग देने आईये !
गठबंधन की घोषणा,विदेशी धरती से
राहुल ने यूरोप से,ये बातें कहीं !
चुनाव हेतु चंदे की,चाहना रही ?
इसलिये भी सवारी,सैर को चली !
विदेशी मुद्रा रुपये पर,अभी तो भारी है
स्विस धन आ जाए तो,बेहतर तैयारी है !
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डॉ श्याम अटल
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