Sunday, December 31, 2017

नए वर्ष की अपेक्षाएं,प्रस्तुत हैं दरबार में
मर्जी महारथियों की,जो बैठे हैं सरकार में !
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नए वर्ष से नयी आशा,देशवासी करते हैं
सरकार कृपया ध्यान दे,सरकारी महकमे पे !
सरकार जन-धन कम,लेने में यकीन करे
और अधिक रियायतों की,पुरजोर अपील है !
सभी व्यापारियों के धंधे में,खूब बरकत आये
घूमे न कहीं कोई भी,अपना मुंह लटकाये !
वित्तीय वर्ष जनवरी से,दिसंबर कर दिया जाए
तो आम नागरिकों को,सुविधाजनक लग पाए !
गरीब होशियार को शिक्षा में,वजीफा दीजिये 
और शिक्षा पूरी करने पर,उससे काम लीजिये !
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डॉ श्याम अटल 

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