Sunday, May 14, 2017

अटल मंथन 
दो धारी तलवार चलाना,सब न जानते
राजकाज निपटाना,सबसे मुश्किल मानते !
----------------------------------------------------------
आरोप-प्रत्यारोप,चलते रहेंगे
राजनीति में रोज,नई कथा कहेंगे !
सफाई अभियान,जारी रखा जायेगा
नित नए प्रकरण,सामने लायेगा !
सेवा संग मेवा,खटाई में पड़ा
मुंह का जायका,बिगड़ने लगा !
---------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल 

No comments:

Post a Comment