अटल मंथन
दिल दिया दर्द लिया,दिल्ली कहने लगी
अनचाही मुसीबतें,आए दिन सहने लगी !
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भ्रष्टाचार किये बगैर,राजनीति नहीं चलती
पता तब चलता है,जब पकड़ी जाती गल्ती !
आपके अपने ही,भ्रष्टाचारी निकल गए
देखते ही देखते वे,50 करोड़ निगल गए !
जनता की अदालत में,प्रकरण आ चुका है
न्यायालय में पेशी,आगे तयशुदा है !
असहयोग आंदोलन,आगे भी चलेगा
जिसका बुरा असर,दिल्ली पर पड़ेगा !
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डॉ श्याम अटल
दिल दिया दर्द लिया,दिल्ली कहने लगी
अनचाही मुसीबतें,आए दिन सहने लगी !
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भ्रष्टाचार किये बगैर,राजनीति नहीं चलती
पता तब चलता है,जब पकड़ी जाती गल्ती !
आपके अपने ही,भ्रष्टाचारी निकल गए
देखते ही देखते वे,50 करोड़ निगल गए !
जनता की अदालत में,प्रकरण आ चुका है
न्यायालय में पेशी,आगे तयशुदा है !
असहयोग आंदोलन,आगे भी चलेगा
जिसका बुरा असर,दिल्ली पर पड़ेगा !
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डॉ श्याम अटल
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