अटल मंथन
अदालत ने इन्साफ किया,रावत को बहाल किया
हरिशचन्द्र अब भी हैं , पर मुश्किल से मिलते वे !
-----------------------------------------------------------------------------------
अधिकारों का अतिक्रमण,होता रहता है
आरोप-प्रत्यारोप,चलता रहता है !
हस्तक्षेप न्यायालय का,लेना पड़ता है !
निर्णय शिरोधार्य,करना पड़ता है !
खरीद फरोख्त का,प्रयास तो रहता है
पर क्रियान्वन बड़ा,कठिन पड़ता है !
----------------------------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल
अदालत ने इन्साफ किया,रावत को बहाल किया
हरिशचन्द्र अब भी हैं , पर मुश्किल से मिलते वे !
-----------------------------------------------------------------------------------
अधिकारों का अतिक्रमण,होता रहता है
आरोप-प्रत्यारोप,चलता रहता है !
हस्तक्षेप न्यायालय का,लेना पड़ता है !
निर्णय शिरोधार्य,करना पड़ता है !
खरीद फरोख्त का,प्रयास तो रहता है
पर क्रियान्वन बड़ा,कठिन पड़ता है !
----------------------------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल
No comments:
Post a Comment