अटल मंथन
आनंदी की मृत्यु ने,कईं सवाल खड़े किये
हत्या अथवा आत्महत्या,कहना कठिन है !
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जीवन में अवसाद से,मरने का मन करता है
कोई यदि तब रोक दे,तो ही जीवन बचता है !
प्रगति से जल भुनकर,दुश्मन कईं बन जाते हैं
प्रेम प्रसंग भी अक्सर,नाजुक सा दिल दुखाते हैं !
साक्ष्य के अभाव में,आरोपी बच जाते हैं
अंत तक भी रहस्य,खुल नहीं पाते हैं !
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डॉ श्याम अटल
आनंदी की मृत्यु ने,कईं सवाल खड़े किये
हत्या अथवा आत्महत्या,कहना कठिन है !
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जीवन में अवसाद से,मरने का मन करता है
कोई यदि तब रोक दे,तो ही जीवन बचता है !
प्रगति से जल भुनकर,दुश्मन कईं बन जाते हैं
प्रेम प्रसंग भी अक्सर,नाजुक सा दिल दुखाते हैं !
साक्ष्य के अभाव में,आरोपी बच जाते हैं
अंत तक भी रहस्य,खुल नहीं पाते हैं !
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डॉ श्याम अटल
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