Thursday, January 21, 2016

अटल मंथन
चिंतनीय !
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गृह युद्ध से दुनिया के देश,जूझ रहे हैं
आतंकवाद की पहेली रोज,बूझ रहे हैं !
आतंकियों की मारकाट से,कोई देश न रहा अछूता
आत्मघात के सिवा,सिरफिरों को कुछ न सूझता !
एक जुट हुए बगैर आतंक से,मुकाबला मुश्किल है
नरसंहार कहीं भी हो,देशवासी गमगीन हैं !
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डॉ श्याम अटल 

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