अटल वाणी - 488
निगलता है पैसा !
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संसार है ही ऐसा,चलता यहां पैसा
जो दिखता ऐसा,निकलता है वैसा !
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डॉ श्याम अटल
निगलता है पैसा !
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संसार है ही ऐसा,चलता यहां पैसा
जो दिखता ऐसा,निकलता है वैसा !
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डॉ श्याम अटल
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