अटल मंथन
कहने को पाक,पर इरादे नापाक
खून खराबा ना करे,तो तबियत नासाज !
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आतंक का पर्याय,पड़ौसी पाक है
दुनिया के सम्मुख,बात अब साफ़ है !
नव वर्ष में सर्वत्र,आत्मघात पर तुला
जेहाद की जिद में,जीवन को भूला !
पागलपन का,भूत सवार है
अफगानिस्तान में भी,क्रूर प्रहार है !
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डॉ श्याम अटल
कहने को पाक,पर इरादे नापाक
खून खराबा ना करे,तो तबियत नासाज !
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आतंक का पर्याय,पड़ौसी पाक है
दुनिया के सम्मुख,बात अब साफ़ है !
नव वर्ष में सर्वत्र,आत्मघात पर तुला
जेहाद की जिद में,जीवन को भूला !
पागलपन का,भूत सवार है
अफगानिस्तान में भी,क्रूर प्रहार है !
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डॉ श्याम अटल
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