अटल मंथन
चिंतनीय
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हर देश में गृह युद्ध है,और देशवासी क्रुद्ध हैं
दुनिया गुजर रही है,यूँ विश्व युद्ध से !
पड़ौसी देशों से भी,किसी देश की बनती नहीं
युद्ध जैसे माहौल हैं,सीमाओं पर शान्ति नहीं !
मानव,मानव के खून का,हो चला प्यासा
कलियुग के साक्षी हम,धधक रही हिंसा की ज्वाला !
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डॉ श्याम अटल
चिंतनीय
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हर देश में गृह युद्ध है,और देशवासी क्रुद्ध हैं
दुनिया गुजर रही है,यूँ विश्व युद्ध से !
पड़ौसी देशों से भी,किसी देश की बनती नहीं
युद्ध जैसे माहौल हैं,सीमाओं पर शान्ति नहीं !
मानव,मानव के खून का,हो चला प्यासा
कलियुग के साक्षी हम,धधक रही हिंसा की ज्वाला !
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डॉ श्याम अटल
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