अटल मंथन
राजनीति में नये चेहरे,रातों रात नहीं मिलते
इसलिए दलबदलू दागी,प्रत्याशी चुनाव में चलते !
-----------------------------------------------------------------------------
बेनकाब हो जाते चेहरे,फिर भी रहते खिले खिले
राजनीति का गीत है ऐसा,हर हालत में जीत है !
नहले पर दहले कईं देखे,दिग्गज भी धराशयी हुए
पर फिर भी लड़ने हेतु,धनाभाव में कभी न रहे !
डूबते सूरज पर भी,दाव लगा दिया जाता है
हारते घोड़े पर भी,अच्छा भाव आता है !
-----------------------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल
राजनीति में नये चेहरे,रातों रात नहीं मिलते
इसलिए दलबदलू दागी,प्रत्याशी चुनाव में चलते !
-----------------------------------------------------------------------------
बेनकाब हो जाते चेहरे,फिर भी रहते खिले खिले
राजनीति का गीत है ऐसा,हर हालत में जीत है !
नहले पर दहले कईं देखे,दिग्गज भी धराशयी हुए
पर फिर भी लड़ने हेतु,धनाभाव में कभी न रहे !
डूबते सूरज पर भी,दाव लगा दिया जाता है
हारते घोड़े पर भी,अच्छा भाव आता है !
-----------------------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल
No comments:
Post a Comment