अटल मंथन
सेवा कम , मेवा ज्यादा
राजनीति का , है ये वादा !
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सरकारें जाते ही,भ्रष्टाचार उजागर होता
नई सरकार बनते ही,पासा पलट जाता !
पहले करनी का फल,देर से मिला करता था
अब दुष्कर्मों की सजा,जल्दी मिलती और ज्यादा !
जीवन के पूर्वार्ध में,समृद्धि और प्रसिद्धि देखी,
पर उत्तरार्ध आते ही,बदनामी से इज्जत उतरी !
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डॉ श्याम अटल
सेवा कम , मेवा ज्यादा
राजनीति का , है ये वादा !
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सरकारें जाते ही,भ्रष्टाचार उजागर होता
नई सरकार बनते ही,पासा पलट जाता !
पहले करनी का फल,देर से मिला करता था
अब दुष्कर्मों की सजा,जल्दी मिलती और ज्यादा !
जीवन के पूर्वार्ध में,समृद्धि और प्रसिद्धि देखी,
पर उत्तरार्ध आते ही,बदनामी से इज्जत उतरी !
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डॉ श्याम अटल
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