अटल मंथन
अपनों के विरोध से,दिल घबराता है
दिल्ली में सी एम भी,असहाय हो जाता है !
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'आप' को कायम रखना,कठिन काम है
अब भी पार्टी में,बड़ा घमासान है !
चुनाव तो जीत गए,पर अपने ही घर में हारे
लगता है खाली गए,लोकपाल के नारे !
महत्वाकांक्षा आपको,कहीं का नहीं रखती
नित नए गुटों में,आप बंट रही !
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डॉ श्याम अटल
अपनों के विरोध से,दिल घबराता है
दिल्ली में सी एम भी,असहाय हो जाता है !
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'आप' को कायम रखना,कठिन काम है
अब भी पार्टी में,बड़ा घमासान है !
चुनाव तो जीत गए,पर अपने ही घर में हारे
लगता है खाली गए,लोकपाल के नारे !
महत्वाकांक्षा आपको,कहीं का नहीं रखती
नित नए गुटों में,आप बंट रही !
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डॉ श्याम अटल
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