अटल वाणी - 459
नजरिया !
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दुख मन की उपज है,इसे काट फेंके
दुनिया को प्रेमभरी,नजर से देंखे !
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डॉ श्याम अटल
नजरिया !
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दुख मन की उपज है,इसे काट फेंके
दुनिया को प्रेमभरी,नजर से देंखे !
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डॉ श्याम अटल
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