Sunday, January 25, 2015

अटल वाणी - 441
रक्षा कवच !
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आग लगे या आग बुझाएं,है सब अपने हाथ में
प्रेम से बोलें तो बन जाए,बिगड़ी हुई बात रे !
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डॉ श्याम अटल

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