Monday, February 8, 2021

 *अटल वाणी - 592* *कर्म और भाग्य -1* ********* जैसे कर्म वैसे फल कोई सफल या असफल यूँ अपना भाग्य लिखते हम सब ! सौभाग्यशाली है वही जो शुभ सोचे-बोले सही ! ********* डॉ श्याम अटल

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