मैं एक सामयिक काव्य रचनाकार हूँ !मेरा खुद का नर्सिंग होम है ! मेरा पेशा चिकित्सक का है !मानव सेवा के साथ साहित्य सेवा कर रहा हूँ! देवी माँ की असीम कृपा से आप के मध्य नित नई काव्य रचना के साथ आता रहूँगा ! "मेरा 'लेखक' मुझसे बडा -
मैं 'आत्मा' वह 'परमात्मा',
'चिकित्सक' बना'प्रयास' से -
'कवि' 'प्रभु-प्रसाद' से ,
'नव रस' का जानकार -
चाहूँगा आपका प्यार ! "आपका अपना -
डॉ.श्याम अटल
अटल वाणी - 598
*जिंदगी और महाप्रयाण*
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रिश्ते जो जुड़ते
एक एक करके
टूट जाते हैं
एक झटके में
जीवन-मृत्यु के
सन्दर्भ में
घटना चक्र
संज्ञान में लें !
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डॉ श्याम अटल
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