अटल मंथन
उलटफेर होने लगे,परिणाम पर पता नहीं
क्रांतिकारी कदम उठाकर,बोलेंगे वे खता नहीं !
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जोड़तोड़ में एक और टूटा,अपने ही जीजा से रुठा
संजय सिंह ने पंजा पकड़ा,कमलनाथ को आका माना !
शिव का राज उन्हें न भाया,दिया तले अन्धेरा छाया
पैसे की है सारी माया,विरोधी दल ने खूब लुटाया ?
प्रेमचंद को कमल सुहाए,कांग्रेस को वे तज आये
अचम्भित है जनता सारी,आपस में चली राय शुमारी !
स्वार्थपूर्ति से जुड़ा है नाटक,खुलेंगे कुछ और भी फाटक
दल बदलेंगे टिकट की खातिर,इतना तो बनना है शातिर !
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डॉ श्याम अटल
उलटफेर होने लगे,परिणाम पर पता नहीं
क्रांतिकारी कदम उठाकर,बोलेंगे वे खता नहीं !
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जोड़तोड़ में एक और टूटा,अपने ही जीजा से रुठा
संजय सिंह ने पंजा पकड़ा,कमलनाथ को आका माना !
शिव का राज उन्हें न भाया,दिया तले अन्धेरा छाया
पैसे की है सारी माया,विरोधी दल ने खूब लुटाया ?
प्रेमचंद को कमल सुहाए,कांग्रेस को वे तज आये
अचम्भित है जनता सारी,आपस में चली राय शुमारी !
स्वार्थपूर्ति से जुड़ा है नाटक,खुलेंगे कुछ और भी फाटक
दल बदलेंगे टिकट की खातिर,इतना तो बनना है शातिर !
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डॉ श्याम अटल
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