अटल मंथन
मक्खी निगलने जैसा,काम है आरक्षण
दुनिया में बस भारत में,आम है आरक्षण !
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मेहनत किये बगैर,प्रवेश पाने की चाहत में
'आरक्षण' मिल जाए,तो समझो राहत है !
बुद्धिजीवियों के लिए,जरूर आफत है
मुफ्तखोरी की,खराब ये आदत है !
हट जाए आरक्षण,तो करेंगे स्वागत सब ?
विकसित राष्ट्र कहाए,हमारा भारत अब !
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डॉ श्याम अटल
मक्खी निगलने जैसा,काम है आरक्षण
दुनिया में बस भारत में,आम है आरक्षण !
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मेहनत किये बगैर,प्रवेश पाने की चाहत में
'आरक्षण' मिल जाए,तो समझो राहत है !
बुद्धिजीवियों के लिए,जरूर आफत है
मुफ्तखोरी की,खराब ये आदत है !
हट जाए आरक्षण,तो करेंगे स्वागत सब ?
विकसित राष्ट्र कहाए,हमारा भारत अब !
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डॉ श्याम अटल
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