Thursday, March 12, 2020

*अटल वाणी - 586* *सर्वत्र तू ही तू* *नजर आता है* *अटूट तुझसे ये* *अपना नाता है !* ************************* सारे रिश्ते-नाते हैं भगवान से हम सभी हैं रूप भगवान के अतः सभी से हमें प्यार है रूप-अरूप में दर्शन तोहार है ! ************************* डॉ श्याम अटल

Wednesday, March 11, 2020

आज की सीख *बिना शीर्षक* ************************* भरोसेमंद कोई ना स्वार्थी हैं सब जाने कब पलट जाएं यदि हो मतलब ! ************************* डॉ श्याम अटल

Monday, March 2, 2020

अटल वाणी - 585 *आश्वासन* ************************** भक्त यदि शरणागत है तो देव कृपा करेंगे ही और यदि बीमार है वह तो निश्चित रोग हरेंगे ही ! ************************** डॉ श्याम अटल