Sunday, February 23, 2020

*अटल वाणी - 584* *सर्वत्र तू ही तू* ************************* एक से अनेक संसार है अनेक में एक मेरा यार है ! परमात्मा प्रत्येक में ये न भूलना दुःख सुख के झूले ये रोज झूलना ! ************************* डॉ श्याम अटल

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