Thursday, October 3, 2019

अटल वाणी - 568
*कैसी कही ?*
*******************
तू वही
यह सही
शक जरा
बचा नहीं !
जो जाने ना
दुख की घड़ी
कुछ भी घटे
चिंता नहीं !
*******************
डॉ श्याम अटल

No comments:

Post a Comment