अटल वाणी - 538
दिल न दुखाना !
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जीते जी है जग से नाता
मरने पर सब छूट जाता
अभी जो कोई रूठ जाता
तो मानव है टूट जाता !
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डॉ श्याम अटल
दिल न दुखाना !
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जीते जी है जग से नाता
मरने पर सब छूट जाता
अभी जो कोई रूठ जाता
तो मानव है टूट जाता !
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डॉ श्याम अटल
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