Sunday, October 15, 2017

अटल मंथन
हथियारों पर खर्चा,जितना बढ़ता जाता है
आम नागरिक अर्थ भार से,उतना दबता जाता है !
-----------------------------------------------------------------------
सीमा पर शान्ति,भारत के लिए ख़्वाब है
चीन-पाक लड़ने को,सदैव बेताब हैं !
अपना घर सम्भले ना,दूसरों के घर झांकते
विनाश के दीवाने ये,दुष्परिणाम न जानते !
बेशुमार धन हथियारों पर,खर्च किया जाता
यदि अमन पसंद रहते तो,देश समृद्ध कहलाता !
----------------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल  

No comments:

Post a Comment