अटल मंथन
सी एम की कईं कुर्सियां,निर्माणाधीन हैं
पी एम की कोशिश यही,मनचाही जीत मिले !
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नोट बन्दी भुनाने का,वक्त आ गया है
लाभ देने-गिनाने का,वक्त आ गया है !
एक तीर से कईं निशाने,लगाए गए हैं
आगामी चुनावों में,अबकिपैंतरें नए हैं !
बजट का पिटारा ईधर,खोला जायेगा
तो चुनाव घोषणा पत्र,स्वयं निकल आयेगा !
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डॉ श्याम अटल
सी एम की कईं कुर्सियां,निर्माणाधीन हैं
पी एम की कोशिश यही,मनचाही जीत मिले !
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नोट बन्दी भुनाने का,वक्त आ गया है
लाभ देने-गिनाने का,वक्त आ गया है !
एक तीर से कईं निशाने,लगाए गए हैं
आगामी चुनावों में,अबकिपैंतरें नए हैं !
बजट का पिटारा ईधर,खोला जायेगा
तो चुनाव घोषणा पत्र,स्वयं निकल आयेगा !
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डॉ श्याम अटल
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