अटल मंथन
पेड़ तो काटे-वृक्ष न रोपे,सूखे से किसान लाचार
जमीन बेचकर खेत खतम किये,करना चाहे अन्य व्यापार !
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बच्चे पैदा हो रहे,पर पैदावार नहीं
इसलिये महंगाई की,जनता पर मार सही !
कृषि भूमि पर बने मकान,खत्म हो रहे हैं मैदान
ऐसे में महंगाई सताए,कैसे संभाले कोई मेहमान ?
कृषि को प्रोत्साहन देकर,कृपा करे यदि सरकार
तो अब भी एक अवसर बाकी,बढ़ सकती है पैदावार !
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डॉ श्याम अटल
पेड़ तो काटे-वृक्ष न रोपे,सूखे से किसान लाचार
जमीन बेचकर खेत खतम किये,करना चाहे अन्य व्यापार !
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बच्चे पैदा हो रहे,पर पैदावार नहीं
इसलिये महंगाई की,जनता पर मार सही !
कृषि भूमि पर बने मकान,खत्म हो रहे हैं मैदान
ऐसे में महंगाई सताए,कैसे संभाले कोई मेहमान ?
कृषि को प्रोत्साहन देकर,कृपा करे यदि सरकार
तो अब भी एक अवसर बाकी,बढ़ सकती है पैदावार !
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डॉ श्याम अटल
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