अटल मंथन
चिंतनीय !
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साहित्य और राजनीति का,आपस में नाता है
साहित्यकारों का इस्तीफा,रोजाना आता है !
साहित्य अकादमी पुरस्कार,मुश्किल से मिलता है
नित्य तिरस्कार देखकर,हृदय हिलता है !
मतभेदों को सहज भाव से,स्वीकारना चाहिये
साहित्य का राजनीतिकरण,नहीं होना चाहिये !
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डॉ श्याम अटल
चिंतनीय !
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साहित्य और राजनीति का,आपस में नाता है
साहित्यकारों का इस्तीफा,रोजाना आता है !
साहित्य अकादमी पुरस्कार,मुश्किल से मिलता है
नित्य तिरस्कार देखकर,हृदय हिलता है !
मतभेदों को सहज भाव से,स्वीकारना चाहिये
साहित्य का राजनीतिकरण,नहीं होना चाहिये !
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डॉ श्याम अटल
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