Sunday, March 22, 2015

अटल मंथन 
मस्जिद हो या गिरजाघर,सभी निशाने पर 
हो रहा है विध्वंस,किसके ईशारे पर ?
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एक तरफ संसार को,सुंदर बनाया जा रहा 
दूसरी ओर इंसान को,बम से उड़ाया जा रहा !
निर्माण करने में,कईं बरस लग जाते हैं 
विनाश करके वे,तत्काल कहर ढाते हैं !
पागलों की कमी नहीं है,इस संसार में 
और कुछेक ही काफी हैं,हमारे विचार में !
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डॉ श्याम अटल 

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